शुक्रवार, 4 सितंबर 2015

'पाक' तेरे 'नापाक' हरकत, ले डूबे अब तुम्हे


गलती पर गलती अउर उहो छमाजोग ना अछम्य गलती। आखिर पाकिस्तान चाहत का बा! काहें उ भारत की सहनसीलता के, धीरज के, उदारता के इंतिहान ले रहल बा। उहे भारत जवन अहिंसा के पुजारी ह, उहे भारत जवन बसुधैव कुटुंबकम के पोसक ह। पर का पाकिस्तान इ भुला गइल बा कि इ उहो भारत ह जहाँ दुस्टन के, पापन के सरबनास करे के पूरा छमता बा। इ उहे भारत ह जब पाप, दुस्तता बहुते बढ़ि जाला, पानी सिर की ऊपर से बहे लागेला त अधरम के नास क के धरम के स्थापना क देला। भारत पूरा तरे एगो पूरन छमतावान देस बा। हँ इ हो सही बात बा की आज की समय में तनि गंदी राजनीती की चलते इ कमजोर भइल बा पर एकर मतलब इ नइखे की उ टुच्चा पाकिस्तान के मटियामेट ना क सके।
भारत हमेसा से चहले बा की दुनिया में सांति-समरिधी के सामराज रहो अउर ए ही दिसाईं इ हमेसा काम भी कइले बा पर अगर एकरी उदारता के केहू एकर कमजोरी समझ ले त उ ओकर भूल बा। कहल गइल बा की छमा बीरन के आभूसन होला पर एकर मतलब केहू इ हो मत लगावो की उ गलती पर गलती करत रही अउर भारत हाथ पर हाथ ध के, बातन से ओके समझावत, चुप बइठल रही। आज की समय में मोदीजी की नेर्तित्व में भारत पूरा दुनिया के आपन सांति के, भाईचारा के पैगाम देहले में सफल बा अउर दुनिया भी जानतिया की भारत हमेसा सांति, भाईचारा के पछधर रहल बा, उ कबो कवनो एइसन काम ना करी जवने से देस-दुनिया के नोकसान होई पर पूरा विस इहो जानता की कबो-कबो जुध जायजो होला काहें की जब केहू अपने दुस्टता से बाज ना आवे त सांती, भाईचारा के फेरू ले आवे खातिर जुध करहीं के परेला।
आखिर कबले पाकिस्तान अपनी दोगलई से दुनिया की आँखि में धूरि छोंकत रही? उ रही-रही के सीमा पर हमला क के भारतीय सीमावर्ती छेत्रन में उत्पाद मचावत रही, आतंकवादी गतिविधियन से भारत का पूरा बिस की नाके में दम करत रही अउर इ हो देखावे के कोसिस करत रही की ए सब गतिविधियन में ओकर हाथ नइखे। रही-रही के सीमा पर, कस्मीर में आपन जवान सहीद होत रहताने, एक-एक क के केतने जवान, भारतीय किसान, गँवई सहीद हो गइने, केतने बच्चन से ओकर माई-बाप त केतने माई-बाप से ओकरी बच्चन के छिन लेहलसि पाकिस्तान अउर अबहिनो मानत नइखे, लउर-लबेदई हांकता अउर ओछी हरकत से भारतीय सीमा पर उत्पाद मचावत रहता।
खैर अब ओकर दिन लदि गइल बा। मोदीजी के पूरा एहसास हो गइल बा की पूरा भारत अब चाहता की पाकिस्तान के ईंट के जबाब पथर से दिआव, ओके छट्ठी के दुध इयाद करा देहल जाव, सदा खातिर ओकरी नाक में नकेल कसि देहल जाव, ओ के ममोरी के चुल्हि में ए तरे फूंकि देहल जाव की फेर कबो सपना में भी उ गलत हरकत करे के न सोचों। एगो अउर बात, ओकरा जवन इहो भरम बा की मोदी जी खालि बोलिहें कुछ करिहें ना, ऊ ओकर एगो बड़ गलत सोंच बा। मोदीजी अब पूरा तरे तइयार हो गइल बानीं, उहां की चेहरा के गंभीरता, आवत-जात हाव-भाव अउर बातन से इ पूरा तरे साफ हो गइल बा की अब उहां का पूरा तरे धरम-जुध करे खातिर तइयार हो गइल बानीं। एगो एइसन धरमजुध जवने में पाक के नापाक हरकत जलि के खाक हो जाई, ओकरा फेरू पूरा तरे विस्वास हो जाई की बाप बाप होला। ओकरे ना पूरा दुनिया के इ हो विस्वास हो जाई की अगर मोदीजी घूमि-घूमि के सांति-समरिधी के स्थापना खातिर हाथ जोड़ि सकेने त जरूरी भइले पर उ धरमजुध क के सुख-सांति के स्थापना क के दुनिया में भारत के स्पस्ट संदेस भी दे सकेने। हर अदमी अपनी-अपनी अस्तर पर सोचेंला की फला जगहि हम रहतीं त हई क देतीं, हउ क देतीं पर सच्चाई ई बा की पद पर गइले की बाद ओ पद अनुरूप बातन के, कामन के, जिम्मेदारियन के भान होला पर मोदी जइसन बिबेकी बेयक्ति, रास्टभक्त बेयक्ति सही समय पर सही काम कइए के दम लेई, इ हमरा पूरा विस्वास बा अउर अब हमार मानीं त उ समय आइयो गइल बा जब पाक अपनी दुस्तता की जलते खाक हो जाई।
पाकिस्तान के अति अब ना सहाई,
जल्दिए गोली के जवाब, तोपे से दिआई।
उ करता खाली सीमा से लागल छेत्रन में गोलीबारी,
अब ओकरी घर में घुसि के, लाहौर, करांची ले मारल जाई।
एतना चली बम अउर बमगोला की उ बाप-बाप चिल्लाई,
दुनिया में कहीं ना मिली ओके सहारा, बाबूजी (भारत) की पैर में पड़ि के उ घिघिआई।।
जय हिंद बोलीं, जय भारत बोलीं अउर एगो नव भारत, ससक्त भारत, समरिध भारत के उदय देखत पूरा तरे निस्चिंत हो जाईं की आवे वाला समय भारते के बा। हँ इ सही बात बा की भारत में अबहिन बहुत सारी गंभीर समस्या बानीसन। जमीनी अस्तर पर बहुत कुछ जल्द से जल्द कइले के ताक बा अउर हमरा लागता की मोदीजी की नेर्तृत्व में हमनी जान ए दिसाईं अच्छा काम क रहल बानीं जा सायद जवने के परिनाम आवे वाला समय में लउकी। पर अबहिन त हम इ ह कहबि की अधरोटी खाइल ठीक बा, भूखन मरि गइल ठीक बा पर अपनी सम्मान के बनावे राखे खातिर पाकिस्तान के, आतंकवाद के मुँह तोड़ देहल एकदम्मे जरूरी बा अउर अब उ घरी एकदम्मे आ गइल बा, पाकिस्तान की सिर पर काल नाच रहल बा। खात्मा-खात्मा अउर सिर्फ खात्मा। जय हिंद। जय भारत।
पं. प्रभाकर पांडेय